ये है जालिम मिया जिसपर लगे हैं सीमा पार से है कोरोना संदिग्ध भेजने का आरोप

बिहार में कोरोना फैलाने के लिए नेपाल से एक साजिश रचने की बात सामने आई है। खुफिया जानकारी मिलने पर पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी ने एसएसबी  को एक पत्र लिखकर सीमा पर चौकसी बढ़ाने के लिए निर्देश दिया है।बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी ने भी इस साजिश के बारे में संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है और सीमा पर सतर्कता बढ़ाने की बात भी कही है।

नेपाल से कोरोना संदिग्ध भेजने का आरोप

जिलाधिकारी द्वारा एसएसबी को एक पत्र लिखकर बताया गया कि नेपाल के जगन्नाथ शेरवा का रहने वाला जालिम मियां भारत में कोरोना फैलाने के लिए योजना बना रहा है।वहां से कोरोना संदिग्ध को भारत में कोरोना फैलाने के लिए भेज रहा है।

काफी जालिम है जालिम मिया

नेपाल के जिस जालिम मिया को खुफिया विभाग ने भारत में कोरोना फैलाने के बारे में पता चला है वह सच में काफी जालिम है. वह भारत नेपाल सीमा पर सभी अनैतिक काम में शामिल रहता है।अभी हाल फिलहाल के इनपुट से पता चला है कि जालिम मियां कोरोना से प्रभावित लोगों को भारत में भेजकर यहां तबाही मचाना चाहता है।

सीमा पर करता है सारे गलत काम

जालिम मिया का भारत के प्रति गलत कामों का एक बहुत बड़ा इतिहास है।भारत के सीमावर्ती शहर रक्सौल जो नेपाल से सटा हुआ है यह जालिम निया के आतंक से त्रस्त खाता है।शुरुआत में जालिम मियां लकड़ियों का तस्कर करता था जो बाद में आईएसआई के इशारे पर भारतीय जाली नोटों का भी कारोबार करने लगा।

हिंदूवादी नेता की हत्या का भी आरोप

इस पर एक हिंदूवादी नेता की हत्या का भी आरोप है।हाल में ही जालिम निया ने नेपाल में हुए मुस्लिम लोगो के सबसे बड़े जलसे में कई पाकिस्तानी को नेपाल बुलाया और इन पाकिस्तानी नागरिकों को नेपाल का परिचय पत्र दिलवाया।इसके बाद इन नागरिकों को भारत में नवाजुद्दीन इलाके में स्थित मरकज में भेजने का भी बात सामने आयी है।

सत्ता रुढ दल माओवादी नेता का समर्थन प्राप्त

जालिम मियां को नेपाल के सत्ता रुढ दल के अध्यक्ष और मायोवादी  नेता का समर्थन प्राप्त है।जालिम मियां पर जब हिंदू संघ के अध्यक्ष काशी तिवारी के हत्या का आरोप लगा था तब पुलिस ने जालिम मियां को गिरफ्तारी भी हुई थी।पर कुछ दिनों के बाद इसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। बाद में इसने नेपाल के स्थानीय चुनावों में माओवादियों के टिकट पर भारतीय सीमा से सटे नेपाल के जगन्नाथपुर गांव का प्रधान निर्वाचित हुआ।