इस देश में सोने और चांदी से भी महंगा बिक रहा है मास्क,मजबूरी में खरीद रहे लोग

मरता क्या नहीं करता!यह कहावत अभी इस देश में बिल्कुल ही सही बैठ रही है दुनिया में अभी कोरोना का कहार काफी जोरों से भर चुका है जो कि आए दिन धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है लोग इसके सामने त्राहिमाम कर रहे हैं। चीन के वहान से शुरू हुआ यह वायरस अब पूरी दुनिया को चपेट में लेकर काफी तबाही मचाई हुई है। इस वायरस को खतरे को लेकर कई देशों ने इस वायरस को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने मे लगे है परंतु अभी तक इसे लकर कोई अच्छी खबर नहीं आई है।

कोरोना वायरस के बचाव का एक ही तरीका

अभी कोरोना वायरस के बचाव का एक ही तरीका है कि आप इसके संक्रमण से दूर रहें।इसके लिए फेस मास्क की काफी जरूरत होती है वही सैनिटाइजर से हाथ धोने की भी सलाह दी जाती है ।इसके चलते फेस मास्क और सैनिटाइजर की काफी कमी देखने को आए दिन मिलती रहती है। कई देशों ने तो इसको लेकर अपने देश में मास्क और सैनिटाइजर का उत्पादन बढ़ा दिया है परंतु कुछ ऐसे भी देश है जहां इसकी अभी भी काफी कमी देखने को मिल रही है और इसकी डिमांड काफी होने के कारण इसकी कीमत आसमान छूने लगी है।

इस देश मे है मास्क की इतनी कीमत

एक ऐसा ही देश है जहां इसकी कीमत अभी सोने चांदी से भी ज्यादा हो चुकी है क्योंकि पहले तो जान है उसके बाद ना कुछ।इस देश का नाम इंडोनेशिया है जहां अभी मास्क को लेकर काफी कमी होने के कारण इसके दाम आसमान छू रही है। यहां मास्क की कीमत इतना है कि इसके सामने सोने और चांदी की कीमत भी कम पड़ जाए।यहां एक मास्क  की कीमत 1 ग्राम सोने से भी ज्यादा बताई जा रही है।इंडोनेशिया में 1 ग्राम सोने का भाव 4200 के करीब होता है जबकि यहां एक n95 मस्क का दाम अभी लोगों को 8000 तक चुकाने पर रहे हैं। इंडोनेशिया में n95 मस्क की काफी कमी होने के कारण लोग इतने महंगे मास्क भी खरीद रहे हैं।

अभी पूरे वर्ल्ड मे कोरोना की ये आकडा

अभी पूरे दुनिया में 45 लाख  से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से तीन लाख से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं इंडोनेशिया की बात करें तो यहां अभी 16 हजार लोगों को कोरोना ने अपने चपेट में ले लिया है। जिसमें से 1100 लोगों की मौत भी हो चुकी है।अन्य देशों के मुकाबले अभी इंडोनेशिया की स्थिति काफी अच्छी है फिर भी कोरोना के डर के कारण यहां मास्क खरीदने मे लोग कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं भले ही इन्हें एक मास्क की कीमत सोने और चांदी से ज्यादा क्यों नहीं देना पड़े।