कल देश मे मिले सबसे ज्यादा 437 कोरोना केस,वही इंदौर मे स्वास्थ्यकर्मियों पर पठराव

कल देश मे कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में अचानक भारी मात्रा में वृद्धि हो गई। देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मिलाकर कुल संक्रमित संख्याओं की संख्या 2056 हो गई है। वहीं 156 लोग इस बीमारी से ठीक हो पाए हैं और 56 लोग इस बीमारी में मौत हो चुकी है।

महाराष्ट मे सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मामले पाए गए हैं।यहां संक्रमित लोगों की संख्या 335 पहुंच चुकी है। वहीं उत्तर प्रदेश में क्रमित लोगों की संख्या 117 के आसपास है। राजस्थान में कोरोना संक्रमित लोगो की  संख्याओं 120 है जबकि मध्य प्रदेश में कुल 98 संक्रमित हैं।

दिल्ली मे निजामुद्दीन जमात के के कारण बदेगा आकडा

वहीं दिल्ली में आए नए निजामुद्दीन जमात के के कारण भी यहां कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या काफी बढ़ने की उम्मीद है।अभी दिल्ली में फिलहाल 152 लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 500 से अधिक लोगों को निमाज उद्दीन से जुड़े मामले में हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है और 1500 से ज्यादा लोग को कोरनटाइन  किया गया है।

इसी बीच एक बुरी खबर आई है कि स्वास्थ्य कर्मी जो हमेशा दिन रात कोरोना पीड़ित मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं उनके ऊपर पत्थरबाजी की गई है। यह घटना मध्यप्रदेश के इंदौर टाट पट्टी बाखल इलाके में बुधवार को कुछ लोगों के स्क्रीन करने के दौरान हुआ है। जो कि काफी निंदनीय है। पुलिस ने इन लोगों पर केस दर्ज किया है।

और दूसरी बुरी  खबर है कि पुलिस वाले जो फिलहाल कोरोना से लड़ने के लिए तत्पर दिखाई पड़ रहे हैं उनके ऊपर भी पत्थर बाजी हुई है। पत्थरबाजी की यह घटना उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरपुर के मोड़ना के इलाके में हुई है। जब लॉक डाउन से उल्लंघन कुल कुछ लोगों को पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो ने उन लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की। जिससे इनस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल घायल हो गए।

कोरोना वायरस जो पूरे विश्व में आज कोहराम मचा रहा है वहीं भारत मे इतनी बड़ी आबादी होने के बाबजूद ज्यादा असर नहीं हो पाया है। इसके पीछे यहां के लोगों की जागरूकता और यहां की सरकार की जागरूकता ही है।इस लॉक  डाउन के कारण ही आज यहां बहुत कम लोग संक्रमण हो पाए हैं।

कुछ संक्रमण की संख्या बढ़ी भी है तो वह भी इस लॉक डाउन  के उल्लंघन के कारण। इसलिए लोग खुद अपनी सुरक्षा के लिए ही इस लॉक डाउन को कायम रखें। नहीं तो भारी नुकसान लोगों को खुद उठाना पड़ सकता है।