ट्रेन मे हॉर्न बजाने का भी होता है नियम, जानिए ड्राइवर कब बजाता है दो और तीन सीटियां

हमारे देश में हर दिन लाखों लोग भारतीय रेलवे की मदद से यात्रा करते हैं। साल 2020 में जब कोरोना काल के दौरान रेलवे सेवाएं बंद हो गई थी, तब लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। ट्रैन में ट्रेवल करने के अलावा लोग रेलवे से जुड़ी कई जानकारियों को जानने की इच्छा भी रखते हैं। किसी को रेलवे से जुड़े सभी सिम्बल्स को जानने की इच्छा रहती है तो कई दूसरे जानकारियों को जानने में दिलचस्पी रखते हैं।

इसी दौरान कई बार ट्रैन ड्राइवर द्वारा बजाई जाने वाली सीटियों का भी जिक्र होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आमतौर पर ड्राइवर कई तरह की सीटियां बजाते है जिनका बेहद अलग-अलग मतलब होता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसी ही अलग-अलग सीटियों के मतलब बताने जा रहे हैं जिसे ड्राइवर अलग-अलग स्तिथियों में बजाते हैं।

Train

सीटियों के मतलब :-

छोटी सिटी :-

कई बार आपने सुना होगा कि ट्रैन का ड्राइवर एक छोटी सिटी बजाता है। तो हम आपको बतादें कि इसका मतलब ये है कि उसे दूसरे इंजन की कोई जरूरत नही है।

एक छोटी और एक लंबी सिटी का मतलब :-

अगर ट्रैन का ड्राइवर एक छोटी और एक लंबी सिटी बजाता है तो इसका मतलब ये है कि उसे ट्रैन के पीछे लगे इंजन से मदद की जरूरत है।

दो छोटी सीटियों का मतलब :-

आपने कई बार ट्रैन ड्राइवर को दो छोटी सीटियां बजाते हुए सुना होगा, लेकिन आपको कभी इसके पीछे की सही वजह मालूम नही होगी। तो चलिए ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि जब  ड्राइवर दो सीटियां बजाता है तो इसका मलतब ये है कि वह गार्ड से ट्रैन को खोलने के लिए सिग्नल की मांग कर रहा है।

तीन छोटी सीटियों का मतलब :-

अगर ट्रैन का ड्राइवर तीन छोटी सीटियां बजाता है तो इसका मतलब ये है कि वह गार्ड को ब्रेक लगाने के लिए सिग्नल दे रहा है। इसके अलावा ये भी वजह हो सकती है कि ट्रैन ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है।